kya hai BS6

भारत स्टेज 6 (BS6) क्या है?

भारत स्टेज6(BS6) क्या है

हम सभी को कार और कार मे घुमना दोनो ही पसंद है। कार के अलग-अलग तरह के होते है, जैसे- माइक्रो(Micro), सेडान(Sedan), सीयुवि(CUV), एसयुवि(SUV), हैचबैक(Hatchback), रोडस्टर(Roadster), कुप(Coupe), सुपरकारSupercar, कैबरियोलेट(Cabriolet) और मिनीवेन(Minivan)। अलग-अलग प्राइस के साथ-साथ अलग लुक के अनुसार गाडीयों को अलग-अलग कैटेगरी मे रखा गया है। जैसे समय बढता गया कार के भी लुक और इंजन अपडेट होते गये है। आज के समय मे लगभग सभी गाडीयों मे BS6(Bharat Stage 6 norms) इंजन होते है या पाया जाता है। बाइक से लेकर कार तक अब के समय मे लगभग सभी मे BS6 इंजन ही होते है लेकिन आप मे से बहुत कम लोगो को ही पता होगा की BS6 इंजन क्या है।

BSES का पुरा नाम The Bharat Stage Emissions Standards (BSES) होता है, इसे करीब साल 2000 मे लाया गया था या ये कहे की साल 2000 मे introduce किया गया था। ये एक प्रकार के automotive emissions standards है जिसे भारत सरकार के द्वारा air pollutants को check करने के लिए लागू किया गया है। आपलोगो को ये पता होगा की गाडी के internal combustion engine के ही कारण गाडी मे air pollutants बढते है।  ये सभी standards को Central Pollution Control Board के द्वारा set किया जाता है, जो की Ministry of Environment और Climate change के अंतर्गत आती है।

आज इस आर्टिकल मे हम आपको बतायेंगे BS6 इंजन के बारे मे।

भारत स्टेज मानक के बारे मे

BS6 इंजन या भारत स्टेज ये सभी EURO (European) emissions standards के अनुसार आधारीत होते है। साल 2000 मे इंडीया 2000 को लाया गया है और फिर इसके बाद साल 2001 मे BS2 और साल 2005 मे BS3 को लाया गया था। इन सबके बिच BS इंजन मे सबसे बेहतर और सबसे सफल BS4 इंजन रहा था क्योकि पुरे देश मे इसे जोर-शोर से लाया गया था या ये कहे की इसे पुरे जोर-शोर से देश मे लागू किया गया था। इसकी emissions mandate को भी लागू किया गया था।

समय के साथ-साथ देश आगे बढा और 2016 मे ये खबर आयी कि सरकार ने निर्धारित किया की आने वाले समय मे BS5 वाले गाडीयो को पुरी तरह से हटा देंगे और 2020 तक पुरे भारत मे BS6 इंजन को लागू किया जायेगा।  बीएस-6 क्या है

BS6 इंजन BS इंजन के vehicular emissions की छठी प्रारुप है और बढती वायु प्रदुषण के खिलाफ सबसे बेहतर और उम्दा बदलाव है। आपको जानकर हैरानी होगी कि BS6 इंजन ज्यादा strict वाला restrictive norm होगा। वायु प्रदुषण के खिलाफ BS6 इंजन एक अच्छी शुरुआत दे सकती है भारत को। BS6 के लागू होने के बाद भारत भी उसी स्तर पर पहुंच जायेगा, जहां आज US और European के emissions norms है।

भारत मे बिकने वाली BS6 इंजन कि कुछ गाडीयां

1.मर्सिडीज एस क्लास, ई क्लास, वी क्लास

2.मारुती सुजुकी अल्टो800, वैगन आर, बलिनो, डिजायर

बीएस-4 के बाद बीएस-6 क्यों

भारत में पहली बार साल 2000 में ‘India 2000’ नाम से एमिशन नॉर्म्स लागू किए गए। इसके बाद साल 2005 में BS2 और 2010 में BS3 को लागू किया गया था। देश में BS4 एमिशन नॉर्म्स साल 2017 में लागू हुए। बढ़ते पलूशन लेवल और लंबे गैप को देखते हुए BS5 को छोड़कर सीधे BS6 एमिशन नॉर्म्स लागू करने का निर्णय लिया गया।

साल 2000 मे भारत देश मे पहली बार India 2020 नाम से एमिशन नॉर्म्स लागू किया गया था, बढते समय के साथ साल 2005 मे बीएस-2, साल 2010 मे बीएस-3 और साल 2017 मे बीएस-4 मे लागू किया गया था। बढते साल के साथ टेक्नोलॉजी थोडी पिछे रह गयी और इस बीच मे प्रदुषण अपने स्तर से काफी ज्यादा बढ गया और टेक्नोलॉजी भी इस पर नियंत्रण पाने के लिए सीधे बीएस-6 को लेकर आयी।

हम सभी जानते है कि बढते समय के साथ प्रदुषण ही सही मात्रा मे काफी ज्यादा बढ गया है, यहां पर किसी ने अगर तरक्की है तो वो है प्रदुषण और बढते समय के साथ इसपर रोक लगाना जरुरी हो गया है।

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