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सौंफ के फायदे, उपयोग और नुकसान

हम सभी ने सौंफ का इस्तेमाल तो किया ही होगा अक्सर सौंप होटल मे माउथ फ्रेशनर के तौर पर रखा होता है, वैसे भारतीय रसोई मे सौंफ एक मसाला के तौर पर उपयोग किया जाता है। इन सबसे भी बढकर सौंफ के अपने ही फायदे है, सौंफ हमे सेहतमंद रखने मे बहुत ही अहम भुमिका निभाता है। यह हमारे पाचन समस्या और आंखो कि रोशनी बढाने मे मददगार साबित होता है, सौंफ का वैज्ञानिक नाम फॉनिक्युल वल्गारे (Foeniculum vulgare) है। हम मे से काफी ऐसे लोग होगें जिन्हे सौंफ खाना पसंद होगा और जाने-अनजाने मे ऐसा करके वो सेहतमंद भी रह है।

आज इस आर्टिकल मे आप जानेंगे सौंफ के बारे मे कि सौंफ के फायदे, सौंफ के पौष्टिक तत्व, सौंफ का उपयोग और सौंफ से होने वाले नुकसान के बारे मे।

सौंफ के फायदे

जैसा कि हमने आपको कुछ हद तक बता दिया था कि सौंफ हमारे शरीर के लिए काफी फायदेमंद साबित होता है और इसके कई सारे फायदे भी है, जो हम आपको निचे विस्तार से बताने जा रहे है।

पाचन के लिए सौंफ के फायदे

सौंफ का इस्तेमाल सबसे पाचन विकार से छुटकारा पाने के लिए होता है, सौंफ मे एंटीस्पास्मोडिक और कार्मिनेटिव जैसे गुण होते है जो इरिटेबल बाउल सिंड्रोम जैसी पेट की गंभीर समस्याओं से हमे छुटकारा दिलाने मे काफी कारागर साबित होता है। इसके अलावा पेट दर्द, पेट मे सुजन और गैस जैसी दिक्कतों से भी छुटकारा दिलाता है।

आंखों की रोशनी के लिए सौंफ के फायदे

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बढते समय के साथ लोगो के नजर भी कमजोर होते जा रहे है, आज के समय मे कम उम्र के बच्चे को भी चश्मा लगाना पड रहा है। आंख के छोटे-मोटे समस्याओं से छुटकारा दिलाने मे काफी मददगार साबित होता है, अगर आपकि आंखो मे जलन या फिर खुजली जैसी दिक्कत है तो ऐसे मे सौंफ का भाप आपके आंखो के लिए बहुत ही फायदेमंद होगा। आंखो के रोशनी बढाने के लिए विटामिन-ए और विटामिन-सी जैसी पोषक तत्व का होना जरुरी है, ऐसे मे सौंफ का सेवन बेहतर क्योकि सौंफ मे विटामिन-ए पाया जाता है और इस प्रकार से बढते उम्र के साथ भी सौंफ के सेवन आपके आंखो के लिए फायदेमंद होगा।

वजन कम करने में मददगार

आज के समय मे हर दूसरा इंसान अपने वजन के बढने से परेशान है, ऐसे मे सौंफ का सेवन इसके लिए काफी असरदार साबित होगा। फाइबर जैसे गुण से भरपुर सौंफ बढते वजन को नियंत्रित करने मे काफी मददगार साबित होता है, इसके अलावा सौंफ शरीर मे बनने वाली अतिरिक्त वसा को भी बनने से रोकता है।

अस्थमा और अन्य श्वास संबंधी समस्याओं के लिए

इजिप्ट के एक खोज से पता चला है कि सौंफ सदियों से श्वास संबंधी विकार से छुटकारा दिलाने के लिए उपयोग किया जाता है, सौंफ ब्रोनिक मार्ग को साफ करके श्वास प्रक्रिया को दुरुस्त करता है। न्यूट्रिशनल ज्योग्राफी की वेबसाइट की माने तो  फेफड़ों की सेहत के लिए सौंफ बहुत ही लाभदायक है।

सांसों की दुर्गंध दूर करे

जैसा कि आपको उपर पहले भी बता दिया गया है कि सौंफ को एक माउथ फ्रेशनर के तौर पर इस्तेमाल करते है, ऐसे मे सौंफ का उपयोग सांसो के ताजगी बनाये रखने के लिए किया जाता है। इसके अलावा सौंफ का उपयोग मुंह के संक्रमणो से भी बचा सकता है, सौंफ को चबाने से मुंह मे लार बनती है जो मुंह के अंदर के बैक्टीरिया को दुर रखने मे मददगार साबित होता है।

कॉलेस्ट्रॉल

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जैसा कि आपने उपर पहले भी पढ लिया होगा कि सौंफ मे फाइबर काफी अधिक मात्रा मे होता है, जो हमारे शरीर मे कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करमे मे लाभदायक साबित होता है। फाइबर कोलेस्ट्रॉल को शरीर मे घुलने से रोकता है और हमे दिल कि बीमारीयों से दुर ऱकने मे मदद करता है।

कफ से निजात

सर्दी के मौसम मे कफ जैसी दिक्कतें आम हो जाती है और ये आमतौर पर छोटे बच्चो को ज्यादा होती है, ऐसे मे सौंफ का सेवन करना लोभदायक साबित होता है। सौंफ मे एंटीबैक्टीरियल जैसे गुण होते है जो हमे कफ जैसी समस्याओं से निजात दिलाते है।

कब्ज से राहत

आज के समय मे हम से कई लोग सही से खाना नही खाते है या पिर किसी कारण से सही समय पर नही खा पाते है लेकिन ये हमे बाद दिक्कत देति है जब हमारा खाना सही तरीके से नही पचता है और हमे कब्ज जैसी दिक्कतों को झेलना पडता है। सौंफ मे एंटीऑक्सीडेंट गुण होते है जो कब्ज जैसी दिक्कतों से तुरंत राहत देता है।

रक्तचाप नियंत्रित करने में मददगार

आज के समय मे रक्तचाप के बीमारी से कई लोग जुझ रहे है, रक्तचाप एक ऐसा रोग है जो लोगो मे आम हो चुकि है। ऐसे मे सौंफ को सेवन रक्तचाप के लिए चमत्कारिक रुप मे काम करती है, सौंफ का सेवन करने से रकितचाप को नियंत्रित किया जा सकता है। सौंफ मे पाये जाने वाले पोटैशियम खुन मे सोडियम कि मात्रा को बढा देता है, जो रक्तचाप के दुष्प्रभावो को कम कर देता है और सौंफ मे मैग्निशियम कि मात्रा काफी ज्यादा होती है जो उच्च रक्तचाप के खतरे कम करता है।

मधुमेह से बचाए

एक शोध कि माने तो सौंफ मे पाये जाने वाले तेल मधुमेह के रोगियो के लिए लाभदायक माना गया है। सौंफ कासेवन खुन मे शर्करा की मात्रा को कम कर मधुमेह के खतरे को भी कम कर सकता है।

सेहतमंद लीवर के लिए

जैसा कि हमने आपको उपर पहले ही बताया है कि सौंफ एक आयुर्वेदिक दवा ना होते हुए अपने अंदर की तपह के गुण को छिपाकर रखा है, लिवर कि समस्याओं से छुटाकार पाने के लिए सौंफ का इस्तेमाल किया जाता रहा है। सौंफ मे एंटीऑक्सीडेंट और अन्य मिनरल्स पाये जाते है जो लिवर को सेहतमंद रखने के लिए जिम्मादर है।

सौंफ के पौष्टिक तत्व

जैसा कि आपने अभी तक सौंफ से होने वाले फायदे के बारे मे जाना, जब सौंफ इतने सारे दिक्कतो से हमारे शरीर को निजात दिलाती है तो बिलकुल इसमे पौष्टिक तत्व काफी अधिक मात्रा मे पाया जाता है।

  • सोडियम
  • कार्बोहाइड्रेट
  • फाइबर
  • प्रोटिन
  • विटामिन-ए
  • विटामिन-सी
  • विटामिन-के
  • थियामिन
  • राइबोफ्लेविन
  • नाइसिन
  • फोलेट
  • कैल्शीयम
  • आयरन
  • मैग्नीशियम
  • फास्फोरस
  • पोटैशियम
  • जिंक
  • सोडियम

सौंफ का उपयोग

हरेक चिज को इस्तेमाल करने का एक तरीका होता है, वरना उस चिज को अंजाम बुरा भी हो सकता है।

  • जैसा कि हमने आपको उपर बताया कि वजन कम करने मे सौंफ का उपयोग होता है, ऐसे मे सौंफ का उपयोग चाय के रूप में भी किया जा सकता है और ये मोटापा कम करने मददगार साबित होता है।
  • अगर अपने पाचन तंत्र को लेकर शिकायत हो तो आप खाने के बाद भी सौंफ का सेवन पाचन शक्ति को बढ़ाने के लिए कर सकते हैं।
  • सबसे सामान्य और सबसे खास बात माउथ फ्रेशनर के रूप मे भी आप सौंफ का उपयोग कर सकते है। यह सांसों की दुर्गंध से छुटकारा दिला सकती है।

सौंफ के नुकसान

हरेक चिज के दो पहलु होते है, जहां सौंफ से फायदे है हीं पर सके कुछ नुकासान भी है।

  • अगर कोई महिला स्तनपान करा रही है तो महिलाओं को सौंफ का अत्यधिक उपयोग नही करना चाहिए।
  • इसके अलावा सौंफ को अधिक सेवन करने से त्वचा कि संवेदनशीलता बढ जाती है और फिर धुप मे निकलना काफी मुश्किल हो जाता है।

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