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केंद्र शासित प्रदेश और राज्य में क्या अंतर होता है?

केंद्र शासित प्रदेश और राज्य में अंतर: हमारे देश में हमने कई बार सुना है कि ये प्रदेश केंद्र शासित है और इसको एक संपूर्ण राज्य का दर्जा प्राप्त है, जिसके बाद हम इन दोनों ही बातों के अंतर को समझ नहीं पाते कि कैसे एक संपूर्ण राज्य पूरी तरह से केंद्र शासित राज्य से अलग होता है। जब साल 2019 में जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 को हटाने के बाद उसे केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया था, तो सभी के मन में इसको लेकर कई सवाल खड़े हुए थे।

जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 को हटाकर उसे केंद्र शासित प्रदेश बनाने की मांग काफी पहले से की जा रही थी, लेकिन किसी भी सरकार का इस तरफ ध्यान नहीं गया जिसके बाद साल 2019 में इसको लेकर फैसला कर लिया गया। जिसके बाद हम आपको इस आर्टिकल में एक केंद्र शासित प्रदेश और राज्य में क्या अंतर होता है उसके बारे में बताने जा रहे हैं।

केंद्र शासित प्रदेश और राज्य में अंतर

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हमारे देश में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का संघ है, जिसमें मौजूदा समय में कुल 28 राज्य और 9 केंद्र शासित प्रदेश हैं। राज्यों को बनाने के पीछे सबसे बड़ी वजह हमारे देश का क्षेत्रफल है, जो काफी बड़ा है, जिस कारण इसके विकास में किसी तरह की बाधा उत्पन्न ना हो उसको ध्यान में रखते हुए राज्यों की स्थापना की गई।

वहीं केंद्र शासित प्रदेश बनाने के पीछे भी एक वजह थी, जिसको लेकर अधिक लोग अभी नहीं जानते होंगे, जिसमें छोटा राज्य, अलग संस्कृति, दूसरे राज्य से अधिक दूरी और सुरक्षा की दृष्टि को ध्यान में रखते हुए केंद्र शासित प्रदेश भी बनाने के फैसले किए गए। चंडीगढ़, पुडुचेरी और दिल्ली एक केंद्र शासित प्रदेश हैं, इन सभी जगहों पर केंद्र सीधे तौर पर दखल दे सकती है, किसी भी मामले को लेकर।

क्या है अंतर?

जहां एक राज्य में उसकी जनता के द्वारा चुनी हुई सरकार होती है, तो वहीं केंद्र शासित प्रदेशों में सारी जिम्मेदारी केंद्र के कंधो पर रहती है। पुलिस प्रशासन जहां राज्यों में वहां की सरकार के अंडर में काम करता है, तो वहीं केंद्र शासित प्रदेश में केंद्र सरकार के अधीन काम करता है। इसके राष्ट्रपति की तरफ से नियुक्त गवर्नर के अधीन पूरा प्रशासन चलता है।

दिल्ली एक केंद्र शासित प्रदेश है, लेकिन यहां पर मुख्यमंत्री होने के बावजूद भी पुलिस पर पूरा कंट्रोल केंद्र सरकार के पास रहता है, वहीं केंद्र शासित प्रदेश में किसी भी तरह के विकास कार्य को कराने के लिए केंद्र की तरफ से अनुमति लेना आवश्यक होता है।

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