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क्या है GPS डिवाइस? GPS कैसे काम करता है?

क्या है GPS डिवाइस : आज हम घर बैठे किसी के भी लोकेशन को जान सकते है। स्मार्टफोन इसमे हमारा मददगार साबित होता है, समार्टफोन मे एक ऐप होता है मैप्स जो की गुगल के द्वारा ओपरेट किया जाता है। आज को समय मे हम ट्रेन से लेकर कैब तक, खाना से लेकर किसी कि लोकेशन जानने तक सबकुछ हम ट्रैस कर सकते है और ये सब सिर्फ GPS की मदद संभव है। हमारे स्मार्टफोन के कुछ ऐसी ऐप्स के कारण ही शायद इसे स्मार्टफोन कहते है। अगर हमारा फोन हमारे लैपटॉप से कनेक्टेड होता है या फिर ये कहें की आपके गुगल से जुडा Gmail के साइन इन होने से और फोन मे GPS के होने से आपके फोन के लोकेशन को ट्रैस करके आपके लैपटॉप मे बता देता है। हालांकी इसके लिए इंटरनेट की जरुरत होती है। जब की और अलग तरह के GPS मे आपको इंटरनेट की जरुरत नही होती है। GPS के अलग अलदग तरीके के डिवाइस भी आते है, जिसका इस्तेमाल करके आप किसी भी चिज के लोकेशन को जान सकते हो। जैसे आपने अपने बाइक पर चोरी ना हो इसलिए आपने अपने बाइक मे GPS को enable किया है, अगर आपकी बाइक चोरी हो भी जाती हो तो आप अपने बाइक को ट्रैस करके बाइक का पता लगा सकते हो।

आज आप इस लेख मे एक ऐसे GPS डिवाइस के बारे मे जानेंगे जिसके मदद से आप अपने किसी भी समान का पता लगा सकते हो। GPS से शब्द से आपलोग जानते ही होगे और कई सारे मुवी GPS सिस्टम को दिखाया भी गया है और इसका इस्तेमाल भी दिखाया और बताया भी है।

आज जिस GPS डिवाइस कि बात करने वाले उसका नाम है secumore, जैसा की हमने आपको पहले ही बताया था की इस GPS डिवाइस की खास बात ये है की आपको इस डिवाइस को ट्रैस करने के लिए इंटरनेट की जरुरत नही पडती है। आप इस डिवाइस को एक सिम कार्ड के जरीये ही ट्रैस कर सकते है, इसका लोकेशन जान सकते है। Secumore डिवाइस आपको किसी भी ई-कॉमर्स वेबसाइट पर मिल जायेगा और अगर डिस्काउंट रहा तो करीब 1575 रुपये तक आपको मिल जायेगा। आपको बता दे की ये डिवाइस आप अपने बाइक मे लगा सकते और ये डिवाइस वाटरप्रुफ होता है। ये डिवाइस चार्जेबल मतलब इस डिवाइस को चार्ज करना होता है और इस डिवाइस का बैकअप करीब 3 दिन का होता है।

GPS लॉकिंग

अब आप सोच रहे होगे कि GPS लॉकिंग क्या है, इसका मतलब होता है कि आप किसी यंत्र मे GPS को लगाना GPS लॉकिंग कहलाता है। अगर आप किसी डिवाइस को या फिर चिज को ट्रैस करना है तो आप GPS के इस्तेमाल से पता कर सकते है और उस डिवाइस मे GPS का लगाना GPS लॉकिंग कहलाता है। हम सभी जानते है कि आज के समय मे GPS का होना हमारे लिए बेहतर है और इसी चिजके कारण हम कहीं भी और कभी भी जा सकते है। GPS लॉकिंग तीन तरह के होते है

1.हॉट स्टार्ट- इसे ट्रैस करने के लिए आपको अपने GPS को सैटेलाइट से जोडना होता है और UTC के समय के साथ मिलाना भी होता है, इसमे सैटेलाइट के मदद से जानकारी के हिसाब से नई स्थिति को जान पाते है। इसमे नई स्थिति को जानना बेहद अहम होता है क्योकि लोग इससे अक्सर गाडियों मे ही इस्तेमाल करते है और गाडी चलती है उसके नई स्थिति को जानना अहम हो जाता है।

2.वार्म स्टार्ट- इसमे कुछ खास तो नही मिलत है लेकिन ये GPS है तो फायदेमंद तो होगा ही, ट्रैस करने के मामले मे ये हॉट स्टार्ट से थोडा धीमा है लेकिन सबसे धीमा नही है। GPS रिसीवर को पहले वाली सैटेलाइट कि जानकारी भी याद रखता है, इस तरह के रिसीवर पहले से ही सेट होता है नये स्थिति को लेकर।

3.कोल्ड स्टार्ट- इस प्रकार के GPS मे सभी तरीके से मौजुद होता है, इस डिवाइस मे के अंदर ही साऱी जानकारी मौजुद होता है जैसे मे सैटेलाइट आदि कि स्थिति पता करना और चिजो को पोजीशन। इस GPS मे आपको सभी प्रकार के सुविधा मिल जाते है, आप इसका इस्तेमाल किसी भी चिज को ट्रैस कर सकते है।

अब Secumore डिवाइस को कैसे करें इंस्टॉल

सबसे पहले आप डिवाइस को अपने स्मार्टफोन से कनेक्ट करने के लिए सबसे पहले आप अपने फोन मे Secumore ऐप इंस्ट़ल करने और फिर Secumore डिवाइस मे एक नैनो सिम डाले और डिवाइस को ऑन करें।

डिवाइस को ऑन करने के बाद अपने फोन मे Secumore ऐप को खोलें और Secumore डिवाइस पर लिखा हुआ IMEI नंबर और पासवर्ड डालकर लॉग इन करलें।

अब Real time track विकल्प पर क्लिक कर दें इस विकल्प पर क्लिक करने के बाद आपका फोन या ये कहे की ये ऐप डिवाइस की लोकेशन को ट्रैस करना शुरु कर देगा। इसके बाद आपइसका लोकेशन मैप पर भी देख सकते हो और आप इसे कभी ट्रैस कर सकते हो।

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