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क्या है प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना

भारत देश के किसान पिछले कुछ सालो मे काफी हद तक फसल को लेकर चिंतित रहे है, फसल के उत्पादन से लेकर, फसल को काटने तक हर जगह पर किसानो को मार झेलना पडा है। भारत के महाराष्ट्र राज्य मे किसानो के आत्महत्या की खबरे भी आयी है, पिछले साल बारीश ने भी किसानो को रुलाया फसल पर सुखाड का मार भी बारीश कि ही देन है। ऐसे मे देश के किसानो के बारे मे सोचते हुए प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना कि शुरुआत कि है। इस योजना के तहत उन जगहो को चुना गया है, जहां के अधिकतम जनसंखया कृषि पर निर्भर है। कहने का मतलब है कि ये बीमा योजना उस जगह के लिए जहां के लोगो का मुख्य व्यवसाय कृषि है, जहां के लोग अधिकतम संख्या मे किसान है और खेती से ही उनका भरन-पोषण होता है।

इससे पहले भी हमारे देश के प्रधानमंत्री ने महिलाओं के लिए, युवाओं के लिए और वृध्द लोगो के बारे मे सोचते हुए कई योजना की शुरुआत कर चुके है। इस बार प्रधानमंत्री ने किसानो के दिक्कतो के देखते हुए, अपने पिटारे से किसानो के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लेकर आये है। जिससे किसानो को मदद मिलेगी और देश के किसान समृध्द बन सकेंगे।

आज इस आर्टिकल मे आज जानेंगे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के बारे मे कि क्या है प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना औऱ प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के उद्देश्य के बारे मे।

क्या है प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना

इस योजना के तहत किसानो पर से प्रीमीयम का बोझ कम करेगी, जो किसान खेती करने के लिए ऋण लेते है और खराब मौसम मे भी फसलो को सुरक्षा प्रदान करेगी। यह योजना देश के के हर राज्य मे राज्य सरकार के साथ मिलकर लागू की जायेगी।

योजना का उद्देश्य

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प्राकृतिक आपदाओं, कीट और रोगो के परिणामस्वरुप अधिसूचित फसल मे से किसी की विफलता की स्थिति मे किसानो को बीमा कवरेज और वित्तीय सहायता प्रदान करना।

कृषि मे किसानो की सतत प्रक्रिया सुनिश्ति करने के लिए उनकी आय को स्थायित्व देना। किसानो को कृषि नवाचार एवं आधुनिक पध्दतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहीत करना। कृषि क्षेत्र मे ऋण के प्रवाह को सुनिश्चित करना।

योजना से लाभ

किसानो के द्वारा सभी खरीफ फसलो के लिए केवल 2% एवं सबी रबी फसलों के लिए  1.5% का एक समान प्रीमीयम का भुगतान किया जाना है। वार्षिक वाणिज्यिक और बागवानी फसलों के मामले मे प्रीमीयम केवल 5% होगा।

 किसानो के द्वारा भुगतान किये जाने वाले प्रीमीयम की दरें बहुत ही कम है और शेष प्रीमीयम का का भुगतान सरकार द्वारा किया जायेगा ताकि किसी भी प्रकार की प्राकृतिक आपदाओं मे फसल हानि के लिए किसानों को पुर्ण बीमित राशि प्रदान की जाये।

सरकारी सब्सिडी पर कोई उपरी सीमा नही है, भले ही शेष प्रीमीयम 90% हो, यह सरकार के द्वारा वहन किया जायेगा।

इससे पहले, प्रीमीयम दर पर कैपिंग का प्रावधान था, जिससे किसानों का कम कम दावे का भुगतान होता था। अब से हटा दिया गया है, किसानो को बिना किसी कटौती के पूरी बीमित राशि का दावा मिलेगा।

काफी हद तक प्रोद्दोगिकी के उपयोग को प्रोत्साहीत किया जायेगा, दावा भुगतान मे होने वाली देरी को कम करने के लिए फसल काटने के डेटा को एकत्रित एवं अपलेड करने हेतु स्मार्टफोन, रिमोट सेंसिंग ड्रोन और जीपीएस तकनीक का इस्तेमाल किया जायेगा।

2016-17 के बजट मे प्रस्तुत योजना का आवंटन 5,550 करोड रुपये का है, बीमा कंपनी का एक मात्र कंपनी है। भारतीय कृषि बीमा कंपनी(एआईसी) द्वारा नियंत्रित किया जायेगा।

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