National Saving Certificate

क्या है राष्ट्रीय बचत पत्र (National Saving Certificate)

कहते है कि धन इंसान को तीन जगहो पर सबसे ज्यादा काम आता है या ये कहे धन का इस्तेमाल तीन चिजो मे करते है। पहला है भोग मतलब अपने इस्तेमाल के लिए, दूसरा है दान और तीसरा है नाश। चाणक्य के अनुसार धन को स्त्री सम्मान को बचाने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। आज के समय मे लोग कमाने के साथ-साथ बचत भी करते है या करना चाहते है।

हर बडे-बुजुर्ग हमे खर्च करने से ज्यादा बचत करने को बोलते है और खर्च करने से ज्यादा बचत करने के पिछे लॉजीक है कि बचत किये हुए पैसे हमारे भविष्य मे काम करती है। बात भी सही है क्योकि ऐसा करना हमारे आने वाले दिन को बेहतर बनाती है, जैसे अगर हम कभी एक्सीडेंट से मिल जाते है या हमारे घर मे किसी प्रकार समारोह है तो या फिर हमारे बच्चो को लेकर उनके बेहतर भविष्य के लिए भी। भारत सरकार ने देश कि जनता के लिए राष्ट्रीय बचत पत्र(National Saving Certificate)  को लेकर आयी है।

आज इस आर्टिकल मे आप जानेंगे राष्ट्रीय बचत पत्र के बारे मे कि क्या है राष्ट्रीय बचत पत्र, क्या है राष्ट्रीय बचत पत्र से लाभ और क्या है राष्ट्रीय बचत पत्र के प्रकार।

क्या है राष्ट्रीय बचत पत्र

क्या है राष्ट्रीय बचत पत्र

राष्ट्रीय बचत पत्र भारत सरकार के द्वारा एक ऐसा योजना है जिसके तहत अगर आप इसमे निवेश करते है तो आपको निवेश कर नही देना पडेगा। असल मे ये योजना डाकघर के अंतर्गत आती है, कहने का मतलब यह है कि राष्ट्रीय बचत पत्र डाकघर के द्वारा ही चलाया गया योजना है। जिसके अंतर्गत आप निवेश करते है तो आपको निवेश कर मे छुट दि जाती है। इस योजना का लाभ देश का कोई भी नागरीक जो नौकरीपेशा मे हो  या बिजनेसमैन हो या मजदुर हो या फिर किसान हो वो राष्ट्रीय बचत पत्र को खरीद सकता है।

क्या है राष्ट्रीय बचत पत्र से लाभ

अबतक तो आपने पढ ही लिया होगा कि कि ये योजना क्या है लेकिन जानते है इससे होने वाले लाभ के बारे मे

वैसे तो ये योजना देश के हरेक नागरीको के लिए है लेकिन इस योजना को सरकारी नौकरी से जुडे लोगो के लिए बनाया गया था, जो करदाता है।

इस योजना के तहत निवेश के रकम पर कोई रोक नही है, मतलब निवेश का रकम तय नही है। इस निवेश क तहत TDS नही देना है।

अगर सर्टिफिकेट लिये हुये व्यक्ति कि मौत हो जाती है तो ऐसे मे नामित व्यक्ति कि जगह कोई और ले सकता है या फिर रकम को निकाल सकता है।

इस योजना के तहत अगर आप लोन ले रहे है, तो आप राष्ट्रीय बचत पत्र को Collateral security  पर दे सकते है।

जमा धनराशी आयकर अधिनियम के अंतर्गत कि धारा 80 C से ये कर मुक्त होती है।

राष्ट्रीय बचत पत्र के प्रकार

  • NSC 8- इसके अंतर्गत वो लोग आते है जो पांच सालो मे निवेश करते है। इसमे आप 100 रुपये लेकर 10000 रुपये तक के का सर्टिफिकेट ले सकते है।
  • NSC 9- इस प्रकार के योजना मे इसके अंतर्गत वो लोग आते है जो दस सालो मे निवेश करते है। इसमे आप 100 रुपये लेकर 10000 रुपये तक के का सर्टिफिकेट ले सकते है। इसका ब्याज प्रतिशत भी इससे पहले वाले प्रकार से बेहतर होता है।

राष्ट्रीय बचत पत्र  के होल्डर

  • सिंगल होल्डर- ये उन लोगो के लिए है जो इस योजना का सिर्फ अकेले ही सर्टिफिकेट लोना चाहते है। वैसे तो नाबालिग के नाम से होता है लेकिन अभिभावक का भी हस्तक्षेप चाहिए होता है।
  • ज्वाइंट ऐ प्रकार- इसके अंतर्गत दो लोग इसमे निवेश करके सर्टिफिकेट ले सकते है या ये कहे कि इसमे दो लोग मिलकर निवेश कर सकते है।
  • ज्वाइंट बी प्रकार- इसके अंतर्गत दो लोग इसमे निवेश करके सर्टिफिकेट ले सकते है या ये कहे कि इसमे दो लोग मिलकर निवेश कर सकते है लेकिन इसमे किसी एक ही व्यक्ति के पैसा मिलेगा और ये तय होता है सर्टिफिकेट लेने वक्त।

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