सेंसेक्स क्या होता है, कैसे गिनते हैं

सेंसेक्स (Sensex) क्या होता है: हम सभी अखबार पढते है न्यूज चैनल को देखते ही होगे, अक्सर खबरो के अंत मे हमे सेंसेक्स के बारे मे बताया जाता है की आज सेंसेक्स इतने अंक उपर चढकर खत्म हुआ तो कभी इतने अंक गिर कर खत्म हुआ। जब कोरोना भारत देश अपने पैर फैला रही थी तो मार्केट लगातार गीरती जा रही थी, जिसमे लगातार ये खबर आ रही थी कुछ सेकंड मे ही निवेशकों के करोडो डुब गये है। इससे हमे कोई फर्क नही पडता है कि किसी का पैसा डुब जाये लेकिन हमारे मन ये सवाल होता है की सेंसेक्स होता क्या है और लोगो के पैसे डुब कैसे जाते है और लोग पैसे लगाते कैसे है।

आज इस आर्टिकल मे आप जानेंगे सेंसेक्स के बारे मे कि क्या होता सेंसेक्स, कैसे बनता है सेंसेक्स, सेंसेक्स कैसे बढता और घटता है और सेंसेक्स के फायदे क्या है।

सेंसेक्स क्या होता है | Sensex

Sensex

सेंसेक्स (Sensex) शब्द कि शुरुआत दीपक मोहोनि के द्वारा कि गयी थी, यह दो शब्दो से मिलकर बना है Sensitive और Index से मिलकर बना है। इसका मतलब संवेदी और सुचकांक होता है। सेंसेक्स की बात की जाए तो यह भारत का सबसे पुराना स्टॉक मार्केट इंडेक्स है, इसकी शुरुआत साल 1986 मे कि गयी थी।

सेंसेक्स हमारे भारतीय स्टॉक मार्केट का बेंचमार्क इनडेक्स है, जो बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज मे सूचिबद्ध शेयर्स के भाव मे तेजी और मंदी को बताता है। इसी से हमे इससे जुडी 30 बडी कंपनीयों के प्रदर्शन की जानकारी हासिल होती है। सेंसेक्स भी एक प्रकार से निफ़्टी ही होता है पर निफ़्टी की तुलना में सेंसेक्स में मात्र 30 कंपनियों सूचिबद्ध होती है। जबकी निफ़्टी 50 भी कहा जाता है क्योंकि इसमें 50 कंपनियां सूचिबद्ध होती है।

सेंसेक्स एक स्टॉक मार्केट इंडेक्स है और इसका सबसे महत्वपुर्ण काम है कि यह कंपनियो के सभी शेयर्स के भाव को देखता है और फिर दिन के अंत मे एक औसत वैल्यु देती है, जो सूचिबद्ध कंपनियो के शेयर्स के भावो मे होने वाली तेजी और मंदी कि सुचना प्रदान करती है। 

जैसा कि उपर पढकर आपको समझ मे आ ही गया होगा की सेंसेक्स क्या है, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज जो की भारत का सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज मार्केट है। जिसके अंतर्गत 30 कंपनियां आती है, अगर आसान शब्दो मे कहे तो भारतीय बाजार का ट्रेंड सेटर है। यह अभी के समय में भारतीय GDP का कुल 37% है, आसान शब्दों में कहें तो भारत की बड़ी कंपनियों के शेयरों की कीमतों को आंकने के लिए बनाये गए सूचकांक जो इन कंपनियों के शेयरों की बढ़ती घटती कीमतों पर नजर रखता है वही सेंसेक्स कहलाता है।

Sensex कैसे बनता है?

Sensex

अब तक आपने जाना की सेंसेक्स क्या होता है, आए अब जानते है की सेंसेक्स कैसे बनता है। जब सेंसेक्स कि गिनती कि जाती है तो उसमे केवल 30 कंपनी होती है, जो की मार्केट मे प्रमुख है उसी के शेयर्स शमिल किये जाते है। इन 30 कंपनियों के शेयर के भावो को शामिल करने के पीछे का कारण यह है कि एक तो इन 30 कंपनियों के शेयर्स सबसे ज्यादा ख़रीदे व बेचे जाते है। दूसरा यह की यह 30 सबसे बड़ी कंपनीयाँ होती है इनका मार्केट कैप स्टॉक एक्सचेंज में सूचिबद्ध सभी शेयर्स का लगभग आधा होता है जो की एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। इसमे आने वाली सारी 30 कम्पनीयाँ 13 अलग अलग सेक्टर से चुनी जाती है और ये 30 कंपनियां अपने सेक्टर में सबसे बड़ी मानी जाती है।

Sensex कैसे घटता या बढ़ता है?

सेंसेक्स इसका काम ही हमें शेयर की जानकारी प्रदान करने का होता है। यह अपने अंतर्गत आने वाली 30 कंपनियों के शेयरों में आए उतार-चढ़ाव पर नजर रखता है। अगर सेंसेक्स में लिस्टेड कंपनियों के बाजार में शेयरों के मूल्य बढ़ रहे हैं तो सेंसेक्स भी बढ़ जाता है और ऊपर चला जाता है। वहीँ अगर सेंसेक्स में लिस्टेड कंपनियों की बाजार में शेयरों के मूल्य गिर रहे होते है तो सेंसेक्स भी गिरने लगता है।

सेंसेक्स के फायदे

वेसे तो सेंसेक्स का सबसे बड़ा फायदा यही होता है की इसके जरिये निवेशक बाजार में होने वाले भविष्य के परिवर्तनो को जान सके और समझ सके और उनके हिसाब से अपना पैसा ठीक तरीके से निवेश कर सके।

पर सेंसेक्स से हमें कुछ ऐसे भी लाभ है जो की वेसे तो सीधे तौर पर ज्यादा कोई असर या फायदा नहीं करते पर indirect रूप से काफी उपयोगी होते है। रूपए की चाल बाजार के अनुरूप बदलती रहती है और जब रूपया मजबूत होता है तो देश में चीज़ें सस्ती होती है। आइये कुछ अलग फायदों के बारे में जानते है।

भारतीय शेयर बाजार लगातार ऊंचाइयों की और अग्रसर है एक समय जब इसकी शुरुआत हुयी थी 1990 में तब सेंसेक्स सिर्फ एक हजार हुआ करता था पर आज के समय में यह आंकड़ा पांच अंकीय संख्या तक पहुँच गया है आज के समय में यह 30,000 को पार कर चूका है और हर दिन नए कीर्तिमान रच रहा है । हम उम्मीद करते हैं कि भविष्य में भी यह नयी ऊंचाइयों को छुए और निवेशकों को मुनाफा कमाने में मदद करे।

अगर आप बाजार के व्यवहार से अनभिज्ञ है तो शेयर मार्केट आपके लिए एक जोखिम से भरा हुआ निवेश हो सकता है। शेयर बाजार में काफी सोच समझकर ही निवेश करें और निवेश से पहले पूरी जानकारी कर ले।

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