शॉप एक्ट लाइसेंस

शॉप एक्ट लाइसेंस रजिस्ट्रेशन

शॉप एक्ट लाइसेंस रजिस्ट्रेशन: आज के समय मे दुकान खोलकर व्यवसाय करना पैसे कामाने का एक बेहद ही बेहतर तरीका है और ऐसे समय जब लोग नौकरी के लिए दर-दर भटक रहे और सरकार के वैकेंसी निकलाने का इंतजार कर रहे है। आज हर छोटे-बडे शहर के बाजार मे आपको दुकान अनगिनत संख्या मे मिलेगी, बढते समय के साथ समे भी लोगो के बिच जंग शुरु हो गयी है और जैसे-जैसे समय बढा है ठीक बैसे ही सरकार ने दुकान चलाने को लेकर कुछ नियम लेकर आयी। भारत देश मे हरेक काम मे आपको पंजीकरण करना होता ताकी वो काम सरकार के आंखो के सामने हो और इस पंजीकरण को कहते है लाइसेंस लेना।

पिछले कुछ समय से भारत मे देश मे मिलावटी सामानो को जमकर बेचा रहा है, हर खाद्य पदार्थ को नकली तरीके से बनाकर सामान बेच रहे है और ऐसे मे लोगो मे बीमारी होने कि शिकायत आम हो जाती है। कुछ समय पहले हम सभी ने देखा था कि लोग मिलावटी सामान से बचने के लिए कह रहे थे और सरकार ने इसके लिए दुकानवालो को लाइसेंस जरुरी कर दिया। हम सभी जानते है कि भारत मे लाइसेंस होने का क्या मतलब होता है कोई नकली सामान नही बेच सकता है और नाही ऐसे चिजो को बेच सकता है जो जनता के लिए नुकासानदेह हो, अभी कुछ समय पहले ऐसी चिजें भी होती थी।

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आज इस आर्टिकल मे आप जानेंगे कि भारत में दुकान का रजिस्ट्रेशन कैसे करें?

जब से भारत मे जीओ आया है या ये कहें कि जब से भारत देश डिजीटलाइजेशन हुआ है तब से भारत देश मे हर काम अब ऑनलाइन होने लगा है, पासपोर्ट से लेकर दुकान का रजिस्ट्रेशन तक सबकुछ ऑनलाइन हो गया है। भारत देश मे दुकान कि शुरुआत करना चाहते है तो आपको भारत सरकार के साथ अपनी दुकान का नाम पंजीकृत करना होगा और भारत सरकार के तरफ से ये अनिवार्य है। भारत देश मे दुकान को पंजीकरण दो अलग तरीको से होता है,

  1. एमएसएमई अधिनियम 2006 के तहत पंजीकरण पंजीकरण- इसे पढकर आप समझ ही गये होगें कि दुकान के लाइसेंस या पंजीकरण को लेकर भारतीय संविधान मे लिखा है और इस नियम को साल 2006 मे लाया गया था साथ भारत मे लागू भी किया गया था। इस अधिनयम को शॉप एक्ट लाइसेंस रजिस्ट्रेशन भी कहते है।
  2. राज्य संबंधित नगरपालिका पार्टी से दुकान और प्रतिष्ठान अधिनियम के तहत पंजीकरण

शॉप एक्ट लाइसेंस रजिस्ट्रेशन क्या है | Shop Act License Registration

Shop Act License

यदि आप एक व्यावसायिक प्रतिष्ठान या एक दुकान शुरू कर रहे है तो आपको अपनी स्थापना के शुरू होने के 30 दिनों के भीतर आपको इस अधिनियम के तहत रजिस्ट्रेशन के लिए फाइल करना होगा। बैंक में चालू खाता खोलने सहित कई कारणों से यह रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। यह लाइसेंस, भारत में व्यवसाय चलाने के लिए आवश्यक अन्य पंजीकरणों के लिए आवेदन करने के लिए एक मूल लाइसेंस और आपके व्यवसाय के प्रमाण के रूप में बनता है|

चलिये सबसे पहले जानते है कि शॉप एक्ट लाइसेंस रजिस्ट्रेशन के तहत कौन-कौन आते है,

शॉप और इस्टैब्लिशमेंट एक्ट देशव्यापी है और सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठान जैसे होटल,  भोजनालयों,  मनोरंजन पार्क,  थिएटर और साथ ही ऐसे अन्य सार्वजनिक मनोरंजन स्थल इस अधिनियम के दायरे मे आते है।

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शॉप एक्ट लाइसेंस रजिस्ट्रेशन के जरुरी दस्तावेज | Shop Act License Registration

Shop Act registration online

जैसा कि हम सभी जानते है कि किसी भी चिज के लाइसेंस को पाने के लिए, हमे कुछ जानाकरीयां और साथ मे कुध दस्तावेज सरकारी दफ्तर मे जमा करने होते है तभी हमे लाइसेंस कि प्राप्ति होती है। इसके अलावा सरकार भी किसी भी चिज को देने से पहले कुछ नियम और शर्त्त को तैयार करती है और इन शर्त्तो को पुरा करने के बाद ही लोगो को उस चिज का सेवा मिलता है।

  • स्थापना का नाम
  • स्वामी (नियोक्ता) और कर्मचारियों का नाम और विवरण (व्यवसाय के निगमन के समय)
  • प्रतिष्ठान का पता और दुकान के लिए बिक्री विलेख या किराये के समझौते की एक प्रति
  • व्यवसाय या मालिक का पैन कार्ड

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शॉप एक्ट लाइसेंस के लिए कैसे करे आवेदन | Shop Act License

हरेक राज्य ने अधिनियम के तहत रजिस्ट्रेशन के लिए अपने अलग-अलग नियम और कानून निर्धारित किया है लेकिन लाइसेंस का मूल प्रक्रिया एक जैसा ही है। अधिनियम मे श्रम विभाग से अनुमोदन प्राप्त करने के लिए प्रत्येक व्यवसाय की आवश्यकता होती है।पंजीकरण प्रमाण पत्र दुकानें और प्रतिष्ठान अधिनियम के मुख्य निरीक्षक से या उस क्षेत्र में जहां आप स्थापना चलाते हैं, अन्य निरीक्षकों को सौंपे जा सकते है।

एक बार आवेदन प्राप्त होने के बाद निरीक्षक विवरण की जाँच करेगा यदि आवश्यक हो तो प्रतिष्ठान का दौरा करें और अधिनियम के तहत पंजीकरण प्रमाणपत्र प्रदान करेगा। रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र को दुकान में एक प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित किया जाना चाहिए और प्रदान किए गए विवरण (जैसे कर्मचारियों की संख्या और इतने पर) या समाप्ति पर किसी भी परिवर्तन के मामले में नवीनीकृत किया जाना चाहिए।

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