वर्षा ऋतु पर निबंध (Varsha Ritu Par Nibandh)

वर्षा ऋतु पर निबंध (Varsha Ritu Par Nibandh)

वर्षा ऋतु पर निबंध: भारत देश मे साल के 12 माह मे चार अलग-अलग तरह का मौसम वातावरण होता है, नवंबर से लेकर जनवरी तक ठंड का मौसम, फरवरी से लेकर अप्रैल मॉनसुन, मई से लेकर जूलाई तक गर्मी का मौसम और अगस्त से लेकर अक्टुबर तक बारिश का मौसम। हर किसी को अपने पसंदीदा मौसम के आने का हमेशा इतंजार रहता है, मौसम होते ही है इतने लुभावने।

वर्षा ऋतु पर निबंध (Varsha Ritu Par Nibandh)

पिछले कुछ समयो मे भारत देश मे प्रदुषण से लोगो का हाल बेहाल था और बारिश ना होने का दुख बेचारे किसानो को झेलना पडा और हर झेलना पडता है। बारिश का मौसम भी कई लोगो को पसंद है, बारिश  इंसान को कई तरह से फायदा पहुंचाता है। अगर बात करें आम जीवन कि तो बारिश किसानो के लिए वरदान कि तरह है वहीं बारिश ज्यादा हो जाये तो किसानो के लिए यही वरदान श्राप भी बन जाता है। खेती करने के लिए किसान हमेशा बारिश के इंतजार मे रहते है क्योकि अगर बारिश नही होता है तो किसानो को काफी नुकसान पहुंचता है और ये किसानो के लिए कष्टदायक बन जाता है। किसान का फसल काफी हद तक बारिश के भरोसे होता है और बारिश ना हो फसल सुख जाये और बारिश ज्यादा हो जाये तो फसल डुब जायेगा।

विज्ञान के दुनिया मे बारिश का होना Water cycle कहलाता है, Water cycle के तहत पहले धुप नदी के पानीयो को अपने गर्मी से वाष्प बनाकर पानी को अवशोषित कर लेता है, इसके बाद संघनन होकर बादल मे बदल जाती है और पिर जब बादल बरसता है तो पानी वोपस से जमीं पर आकर नदी बन जाती है। हम हिंदु धर्म कि बात करें तो भगवान इंद्र देव को बारिश का राजा माना गया है, जिसका कि कई वेदो और पुराणो मे भी वर्णन भी देखने, पढने और सुनने को मिलता है। बारिश के मौसम का फायदा तो बहुत है, लोगो को सुर्य कि तपा देने वाली गर्मी से राहत मिलती है।

Water cycle

पुरे दुनिया मे सबसे ज्यादा नमी बाला जगह मैघालय का मासिनराम है, दुनिया में सबसे ज़्यादा नमी वाले जगह के तौर पर गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भारत के मेघालय में मासिनराम का नाम दर्ज है। यहां औसतम सलाना बारिश करीब 11,871 मिली होती है, नमी का होना बारिश के एक फैक्टर माना जाता है। इसे बाद सबसे ज्यादा भारत के चेरापूंजी नाम के जगह पर होती है, जो कि मेघायल मे स्थित है। पुरे दुनिया मे सबसे ज्यादा नमी बाला जगह मैघालय का चेरापूंजी है, यहां औसतम सलाना बारिश करीब 11,777 मिली होती है।    

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